गुरुवार, 21 जनवरी 2021

शरीर को आकर्षक और मजबूत बनाने के 10 योगासन(10 Yogasanas to make the body attractive and strong)

दोस्तों, आप स्वस्थ, सुंदर, सुडौल, मजबूत शरीर और अपने चेहरे(face) पर रौनक(glow) चाहते हैं तो करें ये महत्वपूर्ण योगासन जो कुछ ही महीनों में आपके शरीर को स्वस्थ, सुडौल ओर मजबूत बना देंगे। सुंदर और मजबूत शरीर की चाहत रखने वाले सभी लोग चाहते हैं कि उनका शरीर एक अच्छे आकार(shape) में हों। खासकर महिलाओ की सुंदरता के लिए उनके शरीर का आकार(shape) बहुत मायने रखता है। जानें वो योग जो आपके शरीर को बेहद ही सुंदर आकार(shape) में ढालेंगे।

1) वीरभद्रासन(Veerabhadrasana): वीरभद्रासन का अभ्यास टांगों को मजबूत बनाता है और हिप्स में उभार लाता है। इस आसन से भुजाएं भी सुडौल होती हैं और शरीर तनाव से मुक्त होता है। इसे गर्भवती महिलाएं और गंभीर बीमारी से पीड़ित न करें। हिप्स, घुटनों और टखनों को लचीला बनाता है। थेरेपी की तरह काम करता है। आंतरिक अंग अच्छी तरह काम करते हैं । वीरभद्रासन के अभ्यास से एड़ी, जांघें, कंधे, पिंडली, हाथ और पीठ मजबूत होते है।


2) उत्कटासन(Utkatasan): उत्कटासन खुद कोर एक कुर्सी की तरह खड़ा करना होता है। इस आसन से जंघाओं और शरीर के पिछले हिस्से में मजबूती और खूबसूरती आती है। जिनके घुटनों में दर्द या ब्लड प्रेसर की बीमारी हो उसे यह आसन नहीं करना चाहिए। यह आसन पेट के लिये बहुत फायदेमंद है जो आपको अपच, कब्ज या एसिडिटी की समस्या से रोकता है।छाती की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है। यह आसन स्त्रियों के लिए एक अलग मुक़ाम रखता है। इसके नियमित अभ्यास से वीर्य का प्रभाव सही तरीके से होने लगता है और पुरुष इसको बहुत देर तक रोक सकते हैं।जिनको पाइल्स की समस्या है उनको प्रायः इस आसन का अभ्यास करना चाहिए। ह्रदय रोग वाले इसको किसी विशेषज्ञ की निगरानी में करे।

3) सेतुबंधासन(Sethubandhasan):  इस आसन से पीठ और हिप्स की मांसपेशियों में मजबूत होती है। शरीर को सुडौल बनाने के लिए यह आसन भी काफी उपयोगी है। रीढ़ की हड्डी में लचीलापन बढ़ाता है। सीने, गर्दन और रीढ़ की हड्डी में खिंचाव पैदा करता है। पाचन सुधारता है और मेटाबॉलिज्म सुधारता है। एंग्जाइटी, थकान, कमर दर्द, सिरदर्द और इंसोम्निया में फायदेमंद होता है। दिमाग को शांत करता है। रक्त संचार सुधारता है।



4) उत्तरासन(Uttarasan): उत्तरासन से पूरे शरीर के अगले हिस्से में तनाव आता है जिससे भुजाओं, जंघाओं समेत पूरे शरीर में मजबूती और सुडौलता आती है। यह आसन शरीर को आकर्षक बनाता है। इस आसन को करने से शरीर और कमर में लचीलापन आता है। एकाग्रता बनी रहती है और शरीर स्वस्थ रहता है।


5) बद्ध कोणासन(Baddh konasana): बद्ध कोणासन शरीर के निचले हिस्से को में तनाव लाता है। जिससे जंघाओं और हिप्स आकार सुडौल होने के सा‌‌थ मजबूत भी होते हैं। रजोनिवृत्ति के लक्षणों को दूर करने में मदद करता है। गर्भावस्था के अंत तक अगर इसे किया जाए तो बद्ध कोणासन प्रसव को आसान बनाने में मदद करता है। घुटनों संबधी परेशानी वाले शख्स को यह आसन नहीं करना चाहिए। जिनके घुटनों में दर्द या चोट हो उन्हे बद्ध कोणासन नहीं करना चाहिए।जिन लोगों को ग्राय्न में, या साइटिका की परेशानी हो, या कमर में चोट हो तो उन्हे बद्ध कोणासन नहीं करना चाहिए।


6) नटराजासन(Natrajasan): इस आसन को करने से पूरा शरीर संतुलित होता है। इससे पैरों की मांस पेशियां मजबूती आती है और हिप्स सुडौल होते हैं।जांघों का मोटापा कम करने के लिए फायदेमंद है। बाहों की मजबूती के लिए फायदेमंद है। घुटने को आराम दिलाना में मददग़ार है। नटराजासन उनको नहीं करनी चाहिए जिन्हें घुटनों में  बहुत दर्द हो। साइटिका के रोगियों को इससे परहेज करनी चाहिए। रीढ़ की हड्डी में कोई परेशानी हो तो इन्हें करने से बचें।


7) उत्‍थित हस्त पदांगुस्ठासन(utthita hasta padangusthasan): इस आसन से पैरों के हर हिस्‍से का व्यायाम होता है। इससे पैरों का आकार सुडौल होता है।वजन करे कम में मद्दगार है। टांगों, घुटनों और टखनों में खिचाव लाता है और उन्हे मजबूत बनाता है। मांसपेशियां स्ट्रॉन्ग बनती हैं।पाचन की समस्या को दूर करता है। नर्वस सिस्टम को मजबूत करता है। नितम्ब या कूल्हों की मांशपेशियों को मजबूत करती है


8) मलासन(Malasan): मालासन करने से धड़, हिप्स और टांगों में मजबूती आती है। जिनको बड़े हिप्स और सुडौल हिप्स की इच्छा हो उनके लिए मलासन योग बहुत लाभकारी है। इससे जननागों में रक्त प्रवाह भी बेहतर होता है। लोअर बैक के लिए अच्छा काम करता है। पीठ की मांसपेशियों को लचीला बनाता है। कमर और स्पाइन के मूवमेंट को बेहतर बनाता है।घुटने की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है। सीने और कंधे के मूवमेंट को बेहतर बनाता है। कंधों को मजबूत और लचीला बनाता है। पेट की भीतरी मसल्स को अच्छी मसाज देता है।हिप्स को लचीला और मजबूत बनाता है।

                    

9) नौकासन(Naukasan): इस आसन में कुुुछ सेकेंड के लिए खुद को नाव के आकार का बनाना होता है। यहआसन पूरे शरीर के लिए लाभकारी है खासकर पेट, हिप्स और पैर इससे सुडौल होते हैं। गर्भवती महिलाओं और गंभीर बीमारी से पीड़ित को यह आसन नहीं करना चाहिए। यह एक ऐसा योगासन है, जो आपके शरीर को सिर से लेकर पैर तक फायदा पहुंचाता है। यह आसन कब्ज को कम करने में बहुत मददगार है क्योंकि एंजाइम के स्राव में बड़ी भूमिका निभाता है।नौकासन पेट की चर्बी को कम करने के लिए बहुत ही बढ़िया योगाभ्यास है। अगर इसका नियमित रूप से प्रैक्टिस किया जाये तो बहुत जल्द आप पेट की चर्बी से निजात पा सकते हैं। किडनी को स्वस्थ रखने के लिए यह योग बहुत फायदेमंद है।


10)  शलभासन (Shalabhasan): शलभासन पूरे शरीर के पिछले हिस्से को सुडौल बनाता है। इस आसन से शरीर स्वस्थ रहता है। यह आसन मांशपेशियों को मजबूत करता है। वजन कम करता है। शरीर का लचीलापन को बढ़ाता है । यह पेट की मालिश करते हुए पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है। इसके अभ्यास से आप गर्भाशय सम्बंधित परेशानियों को कम कर सकते हैं। इस आसन के अभ्यास से आप दमा रोग को कण्ट्रोल कर सकते हैं। यह कमर दर्द के लिए अति उत्तम योगाभ्यास है। इसके नियमित अभ्यास से आप पुराने से पुराने कमर दर्द से निजात पा सकते हैं।  गर्भवती महिलाओं को यह आसान नहीं करनी चाहिए। आप सिरदर्द, गर्दन दर्द, और रीढ़ के दर्द से परेशान हैं तो आप इस योग को ना करें। 

धन्यवाद।।







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